Guru Nanak Jayanti 2023 : गुरु नानक जयंती क्यों मनाते है, जानकार दंग रह जायँगे

कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली मनाई जाती है और उसके 15 दिनों बाद यानी की कार्तिक की पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है इस साल 8 नवंबर को गुरु नानक जयंती मनाई जाएगी आपको बता दें की सिख धर्म के लोगों कई दिनों से पूर्व ही गुरुद्वारों में सेवा कार्यक्रम आयोजित करने लगते हैं इस दिन ढोल मंजिलों के साथ प्रभात फेरिहा भी निकल जाती हैं

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लेकिन क्या आपको पता है की गुरु नानक जयंती क्यों मनाई जाती है हान ये बताते हैं आपको आज के इस वीडियो में गुरु नानक देव का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही हुआ था इसलिए इस दिन को सिख धर्म के लोग मुख्य त्यौहार की तरह मानते हैं आपको बता दें की गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन 1469 में हुआ था गुरु नानक देव जी का जन्म तलवंडी में हुआ था गुरु नानक देव जी को सिख समुदाय के पहले गुरु और इस धर्म के संस्थापक भी माना जाता है

Guru Nanak Jayanti 2023 गुरु नानक जयंती क्यों मनाते है, जानकार दंग रह जायँगे

आपको बता दें की उन्होंने कई सारे देशों में भी अपने उपदेश दिए द इसलिए उन्हें नानक लामा नाम से भी जाना जाता था गुरु नानक देव जी ने अपनी जिंदगी को मानव समाज के कल्याण और उनके भलाई के लिए समर्पित किया था आपको बता दें की गुरु नानक देव ने मृत्यु से पहले अपने शिष्य भाई लहना को उत्तराधिकारी घोषित किया जो बाद में गुरु नानक अंगद देव के नाम से जाने गए फिर गुरु अंगद देव ही सिख धर्म के दूसरे गुरु बने लिए बताते हैं क्या है

गुरु नानक जयंती का महत्व इस वक्त का महत्व इसलिए है क्योंकि गुरु नानक देव जी का जन्म होने के साथ-साथ इस दिन लोगों की सेवा करना बहुत जरूरी मानते हैं साथ ही गुरुओं की शिक्षाओं को याद करने के लिए भी अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है आपको बता दें की गुरु नानक जयंती पर लोगों को गुरुद्वारा की साफ सफाई करने के बाद गुरुद्वारों को सजाया जाता है इसके साथ नगर कीर्तन के साथ प्रभात फेरी भी निकल जाती है

आपको बता दें की प्रभात फेरी गुरुद्वारा से शुरू होती है और नगर में फिरने के बाद गुरुद्वारा तक वापस आती है गुरु नानक जयंती के दो दिन पहले ही गुरुद्वारों पर गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का आयोजन किया जाता है इसके बाद कई गुरुद्वारा पर लंगर का आयोजन भी किया जाता है गुरु जयंती पर गुरुद्वारों में जाकर मत्था टेकते हैं और वहां अपनी सेवा देते हैं

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